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11 फ़रवरी 2016

सरस्वती संघ पटना की पृष्ठभूमि

विद्यार्थी जगत में लोकहित की भावना भरने एवं अध्यात्म के प्रति उत्पन्न अनास्था से आई विकृतियों को दूर कर उन्हें सचरित्र और आदर्शवान बनाने के उद्देश्य से सन् 1964 ई के श्रावण मास में भगवान बुद्धदेव की ज्ञानस्थली गया जिले के बार पाठक बिगहा ग्राम में डॉ नागेन्द्र पाठक द्वारा जब वे नौवी कक्षा के छात्र थे तब सरस्वती संघ की स्थापना की गई । सन् 1972 ई में जब वे महाविद्यालय की शिक्षा प्राप्त करने गया आए तब संघ को एक व्यवस्थित रूप-रेखा मिली । संघ की व्यवस्था तब और सुदृढ़ हो गई जब गया होमियोपैथिक कॉलेज में वही के प्राचार्य एवं संघ के अभिभावक स्वर्गीय डॉ रामबालक सिंह के द्वारा संचालन हेतु स्थान दिया गया । यहाँ संघ के उर्वर भूमि एवं अनुकूल वायु पाया और यही से डॉ अशोक कुमार की देख रेख में संघ का चतुर्दिक विकास प्रारम्भ हुआ । इसी चतुर्दिक विकास के क्रम में वाग्देवी सरस्वती की असीम कृपा और प्रेरणा से सरस्वती संघ आज अपनी विभिन्न शाखाओं के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर संचालित है ।
सम्प्रति राष्ट्रोत्थान के लिए अपनी खोई हुई आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परम्परा को पुनः हासिल करने की आवश्यकता है । इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अध्ययन एवं अध्यात्म के मणिकांचन संयोग को व्यवहारिकता के धरातल पर उतारने हुए संस्थापित सरस्वती संघ अपने सदस्यों को आज के इस विकृत, कलुषित वातावरण से अलग रखते हुए वसुधैव कुटुम्बकम् के आदर्श को अपने आप में समाहित करते हुए एक ऐसा स्वस्थ एवं आध्यात्मिक वातावरण देने की ओर उन्मुख है जिसमें ऊंच-नीच, जात-पात, छूआ-छूत आदि के लिए कोई स्थान नहीं है ।
वर्तमान परिवेश में जहाँ आर्थिक विकास और सभ्यता के नाम पर तरह-तरह की विकृतियाँ सामने आ रही है, सरस्वती संघ दिशाहीन युवाओं को समुचित दिशा देने का एक सार्थक प्रयास भर है । तर्क और तनाव के इस युग में मानवीय धर्म की स्थापना, चरित्रिक विकास एवं भातृत्व भाव इसकी सिद्धि है ।
सरस्वती संघ, पटना- एक झलक                                  

सरस्वती संघ पटना शाखा, जिसकी स्थापना 4 दिसम्बर 1988 को निरंजन कुमार वर्णमाल एवं सुरेन्द्र कुमार के अथक प्रयास से हुई, जो सरस्वती संघ के विभिन्न शाखाओं में से एक है । विद्यार्थियों द्वारा इन्हीं के हितार्थ संचालित इस संघ में उनके बौद्धिक एवं चारित्रिक विकास पर बल दिया जाता है जिससे कि वे अपने राष्ट्रीय, सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों का निर्वाह सहजतापूर्वक बेहतर ढंग से कर सके । विद्यार्थी जगत को अध्ययन, अध्यात्म और आत्म ज्ञान से जोड़े रखना एवं परस्पर सहयोग, सौहार्द एवं सहिष्णुता की भावना को जागृत करना इसका प्रमुख उद्देश्य है । सरस्वती संघ के इस शाखा के निर्बाध गति से संचालन में शिव-हनुमान मन्दिर समिति, ए-92ए, कंकडबाग पीसी कॉलोनी, पटना का सहयोग प्रशंसनीय है ।

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