कल रांची में एक छात्रा के साथ गैंग रेप की बुरी तरह रूह को कंपकपाने वाली घटना से मौत हुई..इस पर तड़पती मेरी चंद पंक्तियां...
टूटे दिल,बिखरी इश्क,
रूठे चेहरे, गिरे वेश।
ढूंढ रहा हूँ इन सब में,
कहाँ हैं मेरा भारत देश ।
रूठे चेहरे, गिरे वेश।
ढूंढ रहा हूँ इन सब में,
कहाँ हैं मेरा भारत देश ।
खोटी इंसानियत, लूटते जिस्म,
सोई मानवता, बदलते परिवेश ।
ढूंढ रहा हूँ इन सब में,
कहाँ है मेरा भारत देश।
सोई मानवता, बदलते परिवेश ।
ढूंढ रहा हूँ इन सब में,
कहाँ है मेरा भारत देश।
काली निशा, उजाली उषा,
कोरी कल्पना, बहते उपदेश।
ढूंढ रहा हूँ इन सब में,
कहाँ हैं मेरा भारत देश।
- जेपी हंस
कोरी कल्पना, बहते उपदेश।
ढूंढ रहा हूँ इन सब में,
कहाँ हैं मेरा भारत देश।
- जेपी हंस