हादसे होते थे
और होते रहेंगे
जब तक
सड़कों पर गड्ढे रहेंगे।
जब तक लोग
सड़क नियमों का
पालन नहीं करेंगे।
सड़कों पर हादसे होते थे।
और होते ही रहेंगे।
जब तक गाड़ियां
ट्रैफिक नियमों का
पालन नहीं करेंगी।
हादसे होते थे
और होते ही रहेंगे।
समाज में भी हादसे होते थे
और होते रहेंगे
जब तक लोगों में
गैर-बराबरी,
असमानता,
छुआछूत,
भेदभाव जैसे
गढ्ढे बने रहेंगे।
समाज में भी हादसे
होते रहेंगे।
अमीरी-गरीबी
और
उच्च-नीच की दीवार
लोगों के बीच
खड़े रहेंगे।
समाज में भी
हादसे होते रहेंगे।
सवैधानिक नियमों
का पालन लोग
नहीं करेंगे।
तब तक
समाज में भी
हादसे होते थे
और होते रहेंगे।
हादसा कोई भी हो
चाहे सड़क पर हो
या समाज में ।
हर बार पीड़ित
इंसान होता है।
हर बार पीड़ित
इंसान होता है।
©जेपी हंस
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