31 July, 2023

दुखी हृदय का आह्वान

उदासी से भरा आंचल, 
व्यथित मन का संचार, 
छिन्न-भिन्न सपनों की, 
क्यों है यह बहार?

विरही रूह की दस्तक,
आंखों में आंसू की तार, 
छिपी हैं ये धधकनें, 
क्यों है यह बहार?

क्या है यह ख्वाबों का जहां, 
जहां नहीं रंग उधार, 
तड़पती रूह की लगन,
क्यों है यह बहार?

क़ैदी सी जिंदगी के फंदे में
अटका है आकार, 
क्यों नहीं छूट पाता,
यह कश्मकश बहार?

धुंधली सी राहों में,
खोया अपना इज़हार,
कैसे मिलेगा उसको,
सपनों का यह बहार?

पीड़ित जीवन की तालाश,
दर्द भरी खोज बहार,
मिले न सफलता को,
कैसे बदलूं यह बहार?

लेकिन ज़िंदगी के सफर में
छुपा है समाधान का उधार,
संयम और सहनशक्ति की छाप,
नई बना रहेगा यह बहार।

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