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17 September, 2021

20 वर्ष की उम्र में 40 देशों की सैर करने वाला एक बिहारी NOMAD SHUBHAM की BIOGRAPHY


                                                            (Photo credit- google)

नमस्कार दोस्तों, मैं आज उस शख्स के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसने न उम्र की परवाह की और न ही पैसों की, बस सोलह-सतरह वर्ष की उम्र में अपनी साहसी मन लेकर दुनिया की सैर करने निकल पड़ा. मतलब बिना पैसों की दुनिया घुमने का सपना पुरा कर रहा है. इस बिहारी शख्स का नाम शुभम कुमार SHUBHAM KUMAR है. इसने 20 वर्ष की आयु तक 40 देशों से ज्यादा की सैर कर चुका है.


परिचय और पढ़ाई

शुभम कुमार का जन्म बिहार के मुंगेर जिले के असरगंज गाँव में एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था. इनके पिता एक सरकारी टीचर है और माता हाउस वाईफ है. शुभम नें अपनी प्रारंभिक पढ़ाई गाँव में रहकर किया. बाद की पढ़ाई के लिए पटना आ गये. फिर 10वीं पास करने के बाद Engineering की तैयारी करने के इंजिनियरिंग की फैक्ट्री कोटा पहुँचे. कोटा में रहकर Engineering Entrance की तैयारी की.

कोटा में रहकर Engineering Test Exam देने के लिए भारत के विभिन्न राज्यों में जाते थे जिसके दौरान कई शहरों को Explore करना शुरु किया.

All India Engineering में रिजल्ट आने के बाद NIT कॉलेज में दाखिला लिया लेकिन वहाँ मन नहीं लगा फिर Engineering की पढाई के लिए जर्मनी की University में अप्लाई किया और वहीं सेलेक्ट हो गये.


दीपिका कुमारी- 27 साल में 54 देशों को धूल चटाने वाली भारतीय महिला.


Travelling का शौक

Talent उम्र और पैसों की प्रतिक्षा नहीं करती बल्कि साहस और जुनून हो तो वह खुद उभर कर बाहर आ जाता है. शुभम कुमार को Travelling का शौक 13 वर्ष की आयु से था पर कोटा में रहकर विभिन्न शहरों में परीक्षा देने के दौरान इस शौक को पूरा करने का भरपूर मौका मिला. इसने YouTube से वरुण वागीश उर्फ Mountain Trekker के Travelling का विडियों देखा उसके बाद इसने महसूस किया कि ट्रेभल करने के लिए किसी भी डिग्री की आवश्यकता नहीं होती.

      इसने कोटा में रहने के दौरान जयपुर, उदयपुर साथ ही राजस्थान के अन्य कई जगहों पर गये फिर शिमला, मनाली, लेह और लद्दाख का सैर किया. इसने यात्री की शुरुआत मार्च 2017 से शुरू किया लेकिन Full time travelling का सफर 2018 से शुरु किया.

Travelling का सफर

      शुभम कुमार ने वैसे तो Travelling का सफर 2017 में अपने देश के विभिन्न शहरों से किया, 2018 से फूल टाइम Travelling का सफर शुरु किया लेकिन अपने देश से बाहर पहली बार Nepal, Bhutan को Explore किया.

      फिर भारत से बांग्लादेश, बांग्लादेश से म्यानमार, म्यानमार से थाइलैंड, थाईलैंड से लाओस, लाओस से चाईना, चाइना से मंगोलिया, मंगोलिया से रशीया, रशीया से किर्गीस्तान, किर्गीस्तान से कजागिस्तान, कजागिस्तान से उज्जबेगिस्तान का सफर किया और वहाँ से वापस भारत लौटे. उसके बाद पुनः भारत से दक्षिण अफ्रीका By land का सफर तय किया. जिसमें दुनिया के 3 continents और 40+ देश शामिल है और आज भी विभिन्न देशों में Travelling कर रहे हैं.


                                (photo credit- Google)

      इसने hitchhiking (हीचेकिंग का मतलब एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए लोगों से लिफ्ट मांगना होता है) के माध्यम से रशीया के याकूटिया के पास ओम्याकोन Oymyakon नामक एक जगह पर पहुँचे जहाँ का तापमान -71 डिग्री सेल्सियस चला जाता है. Oymyakon जाने के पहले वहाँ के बारे में youtube से एक Documentry देखी और साहस कर उस स्थान का भ्रमण किया; यह जानते हुए भी कि यह विश्व की सबसे ठंडी जगह है.

               

                                      (Video credit: Nomad Shubham youtube channel)

Travelling का खर्चा

      पोलो कोलो ने कहा है- यात्रा पैसों की नहीं बल्कि साहस की बात है यह कथन बिल्कुल सही है पर साहब बातों से पेट नहीं भरता. पेट भरने के लिए पैसो की जरूरत होती है. जब इसने Travelling शुरू किया था तब Skype Platform की मदद से Tuition पढाया, Freelancer का काम शुरु किया, कभी-कभी होटल का Review दे दिया करते थे जिससे कुछ आमदनी हो जाया करता था.  लेकिन इतना से World Travelling संभव नहीं था तब इन्होंने चार देशों के सफर करने के बाद अपना Youtube Channel बनाया.

      यूट्यूब चैनल बनाने का एक मकसद यह भी था कि दुनिया के बारे में बताना कि दुनिया में सारे लोग चोर, बदमास, आतंकवादी और माओवादी नहीं होते बल्कि अधिकांश लोग बहुत अच्छे होते है. जैसा कि हमारे देश के गोदी मीडिया GODI MEDIA OF INDIA चिख-चिख कर बताती है. इसने 2019 में अपना पहला वीडियों यूट्यूब पर अपलोड किया. आज इनके यूट्यूब चैनल के 15 लाख Subscriber और 20 लाख Viewer बन चुके हैं.


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            शुभम कुमार ज्यादातर यात्रा लोगों से लिफ्ट लेकर करते हैं जिसमें कोई पैसा नहीं देना पड़ता. जिसे ट्रेभलिंग की भाषा में Hitchhiking हिचैकिंग कहते हैं. वह कभी-कभी बस स्टैंड, पेट्रोल-पंप या टेंट लगाकर सो जाते हैं जिसे रहने का खर्चा बच जाता है. कभी-कभी किसी देश के लोग रहने-खाने का खर्चा उठा लेते हैं या अपने घर में आश्रय देकर खर्च उठाते हैं जिसे Couch Suring कहते हैं. Couch Suring का मतलब आप मुफ्त में उस शहर के रहने वालों के साथ रह सकते हैं जिससे travelling करने वालों का खर्चा बच जाता है.

                                                        (photo credit: Google)

सम्मान-पुरस्कार

      शुभम कुमार को भारत के वर्तमान राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने फोन कर साहस  भरी अभियान की तारीफ किया और मनोबल बढ़ाया.

      Public Transport और Hitchhiking के माध्यम से एक लाख किलोमीटर से ज्यादा का Travelling करने के लिए Genius Book of World Records में नाम दर्ज हो गया.

      विश्व के सबसे ठंडे प्रदेश रशीया के याकूटिया के पास ओम्याकोन Oymyakon में जाने वाले चौथे भारतीय बने हैं.

वर्तमान कैरियर

      वर्तमान में Distance से ग्रेजुएशन करते हुए World Tour  के Passion को जारी रखा है. वह सोशल मीडिया पर NOMAD SHUBHAM  के नाम से जाने जाते हैं. NOMAD का अर्थ घुमंतू या घुमने वाला होता है. इनके  Youtube चैनल का नाम Nomad Shubham हैं. Instagram  ID @nomadshubham  हैं.

 

                    (snapshot credit: Nomad Shubham youtube channel)

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