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नव वर्ष के शुभ अवसर पर शब्द क्रान्ति की तरफ से हार्दिक बधाई एवं नव वर्ष की शुभकामनाये । ...

5 जनवरी 2016

आराम करो महाशय जी...

#कॉपी_पेस्ट

आराम करो  महाशय जी
गरम  रजाई को ओढ़ ।
समझ गए नहीं दे पाओगे
तुम जवाब मुँह तोड़ ।।

बर्दास्त नहीं अच्छे दिनों में
घुट घुट कर यूं जीना ।
आर्टिफीशियल लगता है
वो छप्पन इंची सीना  ।।

मरते जाएँ सैनिक अपने
देते रहे  यूं  शहादत ।
फर्क नहीं पड़ता तुम्हे
यह है तुम्हारी आदत

मंचो पर जब भी आते
झूठी हुंकार भरते हो ।
पता नहीं क्या है मन में
बस मन की बातें करते हो ।।

प्रेमपत्र तुमने भी भेजे
कर ली खूब मुलाकातें ।
तुमने हाथ मिलाया खूब
पर उसने मारी लातें  ।।

अब भी खून न खौला हो तो
फिर से एक दौरा कर लो ।
रह गया हो बाकी कुछ तो
फिर से अपनी छाती भर लो ।।

ट्विटर पर  हुंकार लो फिर से
शब्दों के तीर छोड़ .....।
समझ गए  नहीं दे पाओगे
तुम जवाब मुँह तोड़   ।।
                       -अज्ञात

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