14 August, 2021

साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा (क्रांति-गीत)




साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा

मिलती रोटियां जब छीन जाती हाथों से।
फुसलाये जाते हो मीठी-मीठी बातों से।
इंकलाब का नारा अपना गढ़ना होगा।
साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा।

जिंदगी गुजर रही जुल्मों को सहते हुए।
पुरखे खाये थे हमारे, गोलिया लड़ते हुए।
अब हमें ही तीर-कमान पकड़ना होगा।
साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा।

जब आती है हको को मिलने की बारी।
जाति-धर्मो में उलझाने की करते तैयारी।
हर भेड़- चाल उनकी समझना होगा।
साथियों लड़ना होगा, हमें लड़ना होगा।
             -जेपी हंस (www.jphans.in


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4 comments:

  1. यथार्थ ! आह्वान करता सार्थक सृजन

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  2. सहृदय आभार मैडम... आपको भी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई.

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  3. aap bahut achcha likhte hein .aese hi likhte rahiye aap zarur kamyaab honge .God bless you

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